वंदना शर्मा
आज स्वतन्त्र भारत का सपना अपनी आँखों में सजोंकर हंसते-हंसते मौत को गले लगाने वाले उन वीरों का बलिदान दिवस है, जिन्होंने अपनी क्रांतिकारी गतिविधियों से अंग्रेजों की नींव हिलाकर रख दी थी। भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव भारत माता के इन तीनों पुत्रों को अंग्रेजों द्वारा भले ही फांसी देकर मार दिया गया हो लेकिन इनके द्वारा जलाई गयी क्रांति की ज्योति आज भी प्रत्येक भारतवासियों के दिलों में अमर है।....